overrated translator.gillian wright

अध्याय -रागदरबारी :अंग्रेजी अनुवाद का आलोचनात्मक अध्ययन। साहित्यिक अनुवाद में अनुवादक बहुधा छ्द्म रहने की चेष्टा करता है ,जिससे पाठक या श्रोता एक खिड़की के माध्यम से दूसरी संस्कृति को देख सकें।  जिलियन राइट ने ताज दरबारी के अंग्रेजी अनुवाद में बहुपक्षीय काम किया है,इस उपन्यास का अधिंकाश अनुवाद जिलियन ने शब्दशः एवम भावानुवाद किया  है।।उपन्यास का पहला पृष्ठ पढ़ते ही लगता है कि जिलियन राइट ने कुछ भावो का शब्दशः अनुवाद किया है,यथा इसका जन्म केवल सड़को के साथ बलात्कार करने के लिए हुआ है=the sole purpose of its creation had been to rape the roads of india.बलात्कार शब्द अनेकार्थी है आज एक अलग बात है कि आज बलात्कार का केवल एक ही अर्थ रह गया है ,किसी के साथ बलपूर्वक मैथुन करना। बांछे खिल  गयी ,मुहावरे का अनुवाद,मुस्कुराने के संदर्भ में किया गया है।किस चिड़िया का नाम है मुहावरे का अनुवाद जिलियन नेwhat on earth do you mean  किया है जोनुपयुक्त भी है।पिंडारियों का गिरोह का शब्दशः अनुवाद करने के स्थान पर डाकूओं का गिरोह ज्यादा उचित होता।यहाँ पिंडारी शब्द का प्रयोग एवम अनुवाद दोनों में गंभीर त्रुटि है।पिंडारी का अर्थ जिलियन राइट ने उपन्यास के बाद दिए हुए परिशिष्ट में ट्राइब ऑफ़ थीफ लिखा है।यह सत्य नहीं है ।पिंडारी विभिन्न जातियों का एक समूह था जो सैनिक सेवा में न रहने के कारण बेरोजगार होकर लूट-पाट करने लगे थे।पिंडारी चोर नहीं थे।अध्याय में प्रागैतिहासिक मोढ़े के अनुवाद में जिलियन ने  प्रागैतिहासिक शब्द का अनुवाद ही नहीं किया।यहाँ यह मोढ़ा उक्त अध्याय में वर्णित दारोगा की मध्यकाल से तारतम्य स्थापित नहीं कर पा रहा।-। जिलियन ने चिड़ीमार का अनुवाद fool किया है।-। गारे का अनुवाद mortar किया गया है जो भाव् के बिलकुल विपरीत है।mudhouse की संकल्पना तो विदेशो में भी है।गारे का अनुवाद mud ही होना चाहिए था।यहाँ जिलियन चूक गयी हैं।मजदुर का नाम मंगल होने पर जिलियन ने उसका अनुवाद tuesday किया है।चौथे अध्याय में रुप्पन बाबू का संवाद कि इष्टुडेन्ट कम्युनिटी बदनाम होती है का अनुवाद जिलियन ने सीधे सीधेstudent community कर दिया।श्रीलाल शुक्ल ने रुप्पन के मुंह से इष्टुडेन्ट शब्द कहलवाया है तो उसके अपने व्यंग्यात्मक निहितार्थ है जो इस अनुवाद से इंगित नहीं होता।ब्रह्मचर्य के लिएchestity शब्द का प्रयोग यहाँ बिलकुल ठीक प्रतीत होता है।यद्यपि ब्रह्मचर्य का अर्थ ब्रह्म की चर्या करना है ,अर्थात यौन क्रिया में लिप होजे के बाद भी कोई व्यक्ति ब्रह्मचारी हो सकता है यथा श्रीकृष्ण।लेकिन यहाँ श्रीलाल शुक्ल ने ब्रह्मचर्य को वीर्य रक्षा का पर्याय माना है इसलिएchestity शब्द उपयुक्त है।गंजहां शब्द का अनुवाद नहीं किया गया है इसे ऐसे ही रखा गया है । अध्याय में "कौन है सर्फाला का अनुवाद "whoosh the bashtud" है जो जिलियन राइट की अनुवादक रचनात्मकता का प्रतीक है।श्रीलाल शुक्ल ने सर्फाला शब्द की रचना अपनी कल्पना से की है।जो एक शराबी के मुख से कहलवाया गया है।जो केवल नशा करने के बाद ही इस भाषा  का प्रयोग करता है। रागदरबारी के अंग्रेजी अनुवाद की भाषिक आलोचना कई स्तरो पर की जा सकती है ,शब्द ,वाक्य विन्यास ,मुहावरे एवम लोकोक्तियों के स्तर पर एवम शैली के स्तर पर जब किसी भी कृति का अनुवाद स्रोत भाषा से लक्ष्य भाषा में किया जाता है ,तब विभिन्न बातो का विशेष ध्यान रखा जाता है क्योंकि किसी की कही हुयी बात को यदि आप दूसरी भाषा में कहते हैं तो उस भाषा में भी उस कृति का मूल भाव और व्यंजना प्रस्फुटित होना आवश्यक है।इसमें अनुवादक के शब्द चयन ,भाषा -कौशल,भाषा ज्ञान ,मानसिक स्थिति इत्यदि का उल्लेख होता है।अनुवादक के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि जो शब्द स्रोतभाषा में है उसी से मिलता लक्ष्यभाषा में भी शब्द होना चाहिए।राग दरबारी का शब्द  अनुवाद के आधार पर विश्लेषण इस प्रकार है। उपन्यास में किनारा शब्द है ,जिसका मतलब सरहद,सीमा,छोर होता है इसके लिए अनुवादक ने edge शब्द का प्रयोग किया है जो उपयुक्त है।भारतीय  देहात का महासागर के लिए  ocean of the indian countryside अनुवाद किया गया है।--- अंग्रेजी एवम हिंदी के भाषिक सम्बन्ध गहरे हैं।दोनों एक ही परिवार इंडो-योरोपियन की भाषाएँ हैं।एक एक ही परिवार की होने के बावजूद इन में गहरा विभेद भी है एक भाषा सुदूर यूरोप की है तो दूसरी दक्षिणी एशिया की यहां हमें एक बात का ध्यान रखना होगा कि अंग्रेजी संस्कृति एवं भारतीय संस्कृति नितांत भिन्न है इसी के सापेक्ष हमें सांस्कृतिक तत्वों को देखना होगा।जैसे हिंदी में के लिए तीन शब्द है वैसे ही अंग्रेजी में के लिए थ्री शब्द है।इस तरह के सैकड़ो अक्षर हमें इस बात का बोध कराते हैं कि हिंदी एवम अंग्रेजी की स्रोत भाषा एक ही रही होगी।जिलियन ने हनुमान जी का अनुवाद monkey god किया है जो कि उपयुक्त नहीं है.
अध्याय में बद्री पहलवान एवम रिक्शेवाले की वार्ता के प्रसंग में जिलियन ने अबे शब्द को अंग्रेजी में ऐसे ही लिया है जो कि भावोत्पादक है।
अद्य्याय में बेहराम चोट्टा के विषय में वर्णन करते हुए जो संवाद है वह इस प्रकार है"बेहराम चोट्टा भी कोई चोट्टा था । इसका अनुवाद जिलियन ने "behram the robber was nobody"किया है। इसमें संशय है ।यह अवश्य है कि चोट्टा शब्द चोर के समानार्थी नहीं है ।robber  वो होता है जो लोगो का सामान बलपूर्वक ले लेता है।अगर यह शब्द अंग्रेजी में भी चोट्टा ही लिखा जाता तो ज्यादा उपयुक्त रहता ।अद्य्याय में एक वाक्य है "दूरबीन सिंह की यह विशेषता है कि वे सेंध नहीं लगाते थे।इस वाक्य का अनुवाद जिलियन ने  'durbin singh had another speciality .he never dug holes in the mud walls . जैसा कि पहले भी उल्लेख किया है कि जिलियन ने पहले गारे का अनुवाद mortar कर दिया और यहाँ वे बेधड़क गारे की दीवार के लिए mudwall शब्द का प्रयोग कर रही हैं यह एक अनुवादिक संशय एवम त्रुटि को इंगित करता है।अध्याय में एक वाक्य है "नवयुवकों के लिए आशा का संदेश " इसमें नीचे वैधजी का नाम लिखा था और उनसे मिलने की सलाह थी।यहाँ आशा शब्द का प्रयोग लड़की के नाम के समान किया गया है क़ि नौजवान  उसे आशा नामक किसी लड़की का संदेश समझेंगे और भृमित हो जायेंगे,लेकिन यहाँ अनुवाद में जिलियन ने इसका अनुवाद hope किया है और यहाँ इस अनुवाद से यह प्रकट नहीं होता कि यहाँ आशा नामक किसी लड़की के होने का भृम पैदा किया जा रहा है।कहने का तातपर्य है कि यहाँ अनुवादक जिलियन अपने कार्य में असफल हुयी ।उन्हें hope के अलावा कोई और शब्द चुनना चाहिए था या इस विभ्र्म को स्पष्ट करना चाहिए था।अध्याय पृष्ठ 68 पर जिलियन ने करीब 25 पंक्तियों का अनुवाद ही नहीं किया,उसमे कुछ वाकई चुनोतिपूर्ण शब्द थे यथासात्विक घृणा इत्यादि।यह मेरे लिए उत्सुकता का विषय था कि जिलियन ने सात्विक घृणा शब्द का क्या अनुवाद किया होगा लेकिन जिलियन ने जैसे अनुवाद करते समय इन सब्जी 25 पंक्तियों को जैसे भुला दिया हो।इसी अनुच्छेद में एक और चुनोती पूर्ण वाक्य है ,वह इस प्रकार है"लंगड़वा जा रहा है ,साला !इस अनुवाद को भी जिलियन ने छोड़ दिया।अध्याय में ही एक मुहावरा है " तन पर नहीं है लत्ता,पान खाएं अलबत्ता"।यह मुहावरा इस अर्थ में है कि कोई व्यक्ति हैसियत न होने पर भी कोई बड़ा खर्च करे।जिलियन ने इसका सीधा सीधा अनुवाद  कर दिया है"not a rag on his back but he will still betel nut".इस प्रकार का शब्दशः अनुवाद जिलियन की प्रतिभा पर प्रश्न करता है।निसंदेह इस मुहावरे के समानार्थी आंग्लभाषा में भी कई मुहावरे होंगे। जिलियन इस मामले में बहुत भृमित लग रही हैं कहीं कहीं वो शब्दशः अनुवाद कर रही हैं तो कहीं भावानुवाद जो प्रकट भी नहीं होता।अध्याय 10 में जिलियन ने एक लड़के के पास सेदेशी तमंचा पकडे जाने के प्रसंग को एकदम छोड़ दिया है।लगभग 10 पंक्तियां है जिनका अनुवाद नहीं किया गया है।भूमिका में या कहीं फुटनोट ,परिशिष्ट कहीं भी जिलियन ने नहीं बताया है कि ये प्रसंग क्यों छोड़े गए हैं,यह एक अनुवादक के रूप में उन पर प्रश्न खड़ा करता है।इसी प्रसंग के तुरंत आगे एक प्रसंग है जिसमे वैधजी को महामना मदन मोहन मालवीय शैली की पगड़ी बांधे हुए दर्शाया है ,इस प्रसंग में केवल इतना जिक्र है कि वैध जी ने मदन  मोहन मालवीय के समान पगड़ी धारण की हुयी है लेकिन जिलियन ने इसका अनुवाद किया है। वाक्य इस प्रकार है" वैधजी तो अपनी जगह मदनमोहन मालवीय शैली की पगड़ी बांधे हुए इत्मीनान से बैठे थे ।इसका अनुवाद है"vaidyaji was sitting contentedly in his usual place with his turban tied in the style worn by the great socialist leader MadanMohan Malviya .यहाँ मदन मोहन मालवीय को सोसलिस्ट नेता बताने का कोई तुक प्रतीत नहीं होता।यह एक अनुवादिक त्रुटि है।
ist 72 eas igyoku dgrk gS] ^^ cnzh HkS;k ehfVax esa cSBdj D;k vaMk nsaxs \ ;gk¡ vaMk nsuk] ,d eqgkojsa ds rkSj ij iz;ksx fd;k x;k gS] bl vuqokn ftfy;u us fd;k gS ** What will Badri Brother do in a meeting, Hatch eggs ?
bl izdkj ds eqgkojs ds vuqokn es ftfy;u vlQy fl} gqbZ gS vkSj mUgksuaas 'kCn'k% vuqokn dj fn;k gS] blh izlax esa igyoku dgrk gS] **lqijokbtj dks idMdj ,d /kkschikV ekjrs] mlh esa lkyk Vsa gks tkrkA ehfVax&'khfVax esa D;k gksxk** vc bl 'kCn ds vuqokn dks ns[ksa & If he'd got hold of the supervisor and smashed him with a dhobi-slab throw, It would have finished him off. What the hell comes from meeting - sheeting ?
       /kkschikV] Hkkjrh; dq'rh dk ,d izfl} nkao gS ftlesa izfr}Unh dks iwjk mBkdj iVd fn;k tkrk gSA ftfy;u us bldk vuqokn dhobi slab throw dj fn;k gS tks fd vuqi;qDr gS] lkFk gh lkFk ftfy;u esa ifjf'k"V esa dqN tfVy 'kCnksa ds vFkZ dks le>k;k gS ogka Hkh ;g 'kCn ugha gSA /kksch&ikV ,d fof'k"V nkao gS ftlesa izfr}Unh yxHkx ijkLr gks tkrk gS] ftfy;u dks ifjf'k"V esa bldk vFkZ crkuk pkfg, FkkA Vsa gks tkuk dk vFkZ e`R;q gks tkuk gS mld vuqokn finish him off mÙke gSA blh izlax esa ,d okD; gS] ^^jk¡Mksa dh rjg Qk¡;&Q¡k; djrs gS bldk vuqokn gS "Wailing like widows gS tks ,dne mi;qDr gSA ckgj dkSu xkt fxj jgh gS \ dk vuqokn " to be struck by lightning out here" gS tks fd mfpr gSA
       ;fg jkel:Ik jkst 'kgj ea ?klM&QlM djrk ?kwerk gS] bl okD; dk vuqokn " This same Ram Swarup is roaming around the town up to no good" gSA ;g ,d mÙke vuqokfnd mnkgj.k ftfy;u jkbZV us izLrqr fd;k gSA
       v/;k; 10 ds i`"B 2 esa mfYyf[kr 3 vuqPNsn dk ftfy;u us vuqokn gh ugha fd;k gS ,oa bldk dgh dkbZ lUnHkZ ;k QqV&uksV bR;kfn Hkh ugha fn;k gS ,slk izrhr gksrk gS fd ;gka ftfy;u vuqokn dh LoNUnrk n'kkZ jgh gSA
       blh v/;k; esa dqN eqgkojksa dk Hkh iz;ksx gqvk gSA lEiw.kZ izlax ,oa mldk vuqokn bl izdkj gSA ^^ [kUuk ekLVj dh bl gjdr dk o.kZu os ^eqag esa jke cxy esa Nqjh * ^gekjh gh ikyh ykseMh] gekjs ?kj esa gqvk&gqvk& ¼ ;|ih ykseMh ^gqvk&gqvk* ugha djrh½] ^ihB esa Nqjk Hkksaduk* ] ^esa<d dks tqdke gqvk gS*] tSlh dgkorksa ds lgkjs djrs jgsA ,d fnu mUgksusa pkSjkgs ij [kMs gksdj izrhdoknh <ax ls dgk ^^ ,d fnu fdlh ?kksMs ds lqe es uky Bksadh tk jgh FkhA mls ns[kdj ,d esa<d dks 'kkSad pjk;k fd ge Hkh Bqdk;saxsA cgqr dgus ij Hkh ukyokys us esa<d ds isj esa tjk lh dhy Bksad nhA cl] esa<d HkkbZ ogha <sj gk sx,A 'kkSdhuh dk urhtk cqjk gksrk gSA **

He described Khanna Master's action with saying like ' god on his lips, and  a dagger under his arms'. The wolf we murtured averselver is now laying at our house'. (although wolves don't lay), 'It is a state in the back,' and even the frog has caught a cold'. On one occasion, standing at the cross roads, he said symbolically ' One day a horse was being shod. seeing it ia frof suddenly developed the desire to have his feet shod too with great difficulty he persuaded the blacksmith to do it but when the man hammbred in the first nail just like a little, it was to much for a little, it was too much for him, and brother frog dies on spot'.
bl va'k dk vuqokn ,slk izrhr gksrk gS fd 'kCn'k% gS lkFk gh lkFk ftfy;u us blds vuqokn esa ,d cMh =qVh Hkh dh gS] ftfy;u us ykseMh dk vuqokn Wolf dj fn;k gS] tksfd ,dne xyr gSA vaxszth Hkk"kk fHkK ,d cPpk Hkh tkurk gS fd ykseMh ds fy, vaxsth esa 'Fox' 'kCn gSA bl izdkj dh =qfV;ka bl vuqokn dks furkUr lrgh cukrh gS ,oa ftfy;u dh vuqokfnd izfrHkk ij iz'u fpUg Hkh [kMk djrh gSA
अध्याय 14 के प्रारम्भ में  एक स्थान का वर्णन है।  "नजदीक के गाँवों में जो प्रेम सम्बन्ध आत्मा के स्तर पर कायम होते हैं उनकी व्याख्या इस जंगल में शरीर के स्तर पर होती है। शहर से भी कभी यहाँ पिकनिक करने वालो के जोड़े घूमने के लिए आते हैं और एक दूसरे को अपना क्रियात्मक ज्ञान दिखाकर और कभी -कभी लगे हाथ मंदिर में दर्शन करके ,सिकुड़ता हुआ तन और फूलता हुआ मन लेकर वापस चले जाते हैं। इस का अनुवाद जिलियन ने  बेहतर ढंग से इस प्रकार किया है "The love affairs which are established on a spiritual level in the nearby villages ,are elaborated on a physical level here .Sometimes pairs of picnickers from the town too come to wander here ,display their practical knowledge of one another -occasionally at the same time they visit the temple -and take their contracting bodies and swelling hearts back again . इस प्रसंग में जिलियन ने फूलते मन का अनुवाद swelling hearts किया है ,जो कि उचित ,अनुचित की सीमा पर है ,मन एवम हृदय दो अलग अलग अंग हैं। शायद कोमल भावनाओ वाले मन को प्रकट करने के लिए heartका प्रयोग किया गया है। 
अवधी के एक कवि श्रीमान पढीस की एक रचना श्रीलाल शुक्ल ने उदधृत की है ,वो इस प्रकार है
माला -मदार माँ खोलि कै सिन्नी बांटनि ,
ससुर का देखि कई घूँघट निकस डेढ़हतथा।

खड़ी बोली में इसे इस प्रकार कहा गया है -

मेले ठेले में तो मुंह खोल के सिन्नी बाँटी ,
 ससुर को देखके घूँघट खींचा मीटर –भर
इसका अनुवाद इस प्रकार किया गया है। 
in the fair you go with open face
to offer all and sundry sweets,
but when your father in law you see
you hide your face so shyly
with a vail a meter long.

इसी की अगली पंक्ति है "भारतीय नारीत्व इस समय फनफनाकर अपने खोल के बाहर आ गया था " इस वाक्य का अनुवाद जिलियन ने नहीं किया। इस तरह के अनेक वाक्यों एवम अनुच्छेदों को जिलियन ने छोड़ दिया है और अपना मन्तव्य भी प्रकट नहीं किया है कि वो क्या दर्शाना चाहती हैं ?साहित्य के अनुवाद में इस प्रकार की त्रुटियां एक गम्भीर मामला है,कहीं ,कहीं सिर्फ कुछ वाक्यांशों को छोड़ देने के कारण सम्भव है कि कृति का भाव ही प्रकट न हो.जिलियन को अगर यह सब छोड़ना था तो उन्हें फुटनोट या किसी और माध्यम से यथा भूमिका में ,या परिशिष्ट में इसे प्रकट करना चाहिए था।
Eh,Jognath ,what,s the point of hanging around with a face like a dead bat? enjoy yourself .
जिलियन ,भावानुवाद करने से बची हैं। ना जाने वो की सोचती है ?शायद उन्हें लगा होगा कि इन मुहावरो को यथाशब्द रखने से ही वास्तविकता का बोध होगा। लेकिन एक अच्छे अनुवादक को भावानुवाद अवश्य करना चाहिए।  इसी अध्याय में आगे एक और मुहावरा है "सच्ची बात और गधे की लात को झेलने वाले बहुत कम मिलते हैं। इसका अनुवाद है "There are not many who can stand a home truth or a kick from donkey . इसी अध्याय में एक शब्द आया है "मकोय ". वाक्य है "लंगड़ एक मकोय की झाडी के नीचे अँगोछा बिछाकर सुस्ता  रहा था और होंठो ही होंठो में कुछ बुदबुदा रहा था।  इसका अनुवाद जिलियन ने इस प्रकार किया है " Langar was relaxing on  a piece of a cheap cotton cloth spread out under a Makoy bush ,and muttering to himself. यहाँ  ध्यान देने योग्य बिंदु यह है कि जिलियन राइट  "मकोय " शब्द की अंग्रेजी cape gooseberry  नहीं ढूंढ  पायी ,जोकि बहुत ही सरल है एवम लगभग हर हिंदी -अंग्रेजी शब्दकोष में उपलब्ध है।
अध्याय 15  के शुरू में ही एक वाक्य है "हमें दर्शन -वर्शन नहीं करना है। यहाँ तो ,बसलाल लँगोटेवाले की ग़ुलामी करते हैं ,और जितने देवी -देवता हैं उनको भूसा समझते हैं। " यहां जिलियन ने खुल के Monkey God  लिखने के बजाय ,जैसा कि उन्होंने पहले लिखा था,हनुमान लिखा है। आगे के एक वाक्य में जोकि इस प्रकार है "जोगनाथ की भावुकता न गांजे की चिलम से पैदा हुयी थी ,न शराब के चुग्गड़ से।  शराब के चुग्गड़ को जिलियन ने bottle of booze लिखा है जोकि संगत अनुवाद नहीं है ,चुग्गड़ का अर्थ ,चषक है ,जिसे अंग्रेजी भाषा में Peg  कहा जायेगा. 
laxman singh

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Raag Darbari-over rated translator -Gillian wright